यूनेस्को के अनुसार एक समाचार एजेंसी एक ऐसा अनुक्रम या व्यवसाय है जिसका मुख्य उद्देष्य है समाचार एकत्रित करना एवं समाचार सामग्री इक्ट्ठा करना। जिसका प्राथमिक उद्देष्य है, तथ्यों की प्रस्तुति एवं अभिव्यक्ति और इससे समाचार उद्योग के समूह के बीच वितरित करना है। और विष्ेाष परिस्थिति में निजी उपभोक्ताओं को एक निष्चित राषि के बदले उनको सम्पूर्ण एवं जहां तक संभव है, निष्पक्ष सेवा प्रदान करना। ऐसी परिस्थिति मंे जो व्यापारिक कानूनों एवं नियमों के अनुकूल हो। टेलीग्राफ, टेलीप्रिटंर और दूसरी तकनीकी सेवाओ के अविष्कार ने समाचार एजेसियों की महत्ता को बढाया। इन अविष्कारों की वजह से लम्बी दूरी के प्रसारण एवं त्वरित प्रसारण संभव हो सके। इन अविष्कारों ने समाचार संग्रहण की लागत को भी कम किया। एक समाचार एजेसी सामान्यतः समाचारों के कवरेज से संबंधित है इसमे विष्लेषण के साथ स्थान विषेष से महत्वपूर्ण राजनीतिक , आर्थिक घटनाओं का कवरेज षामिल है। यद्यपि इसका प्रभाव सीमित है परन्तु समाचार एजेसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अन्तर्रराष्ट्रीय महत्व के मसलों पर जनमत निर्माण मेे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक समाचार एजेंसी प्रत्यक्ष रूप से जनता से सम्बन्धित नही होते है। यह जनता से जनसंचार के दूसरे माध्यमों की सहायता से सम्पर्क मे होती है। जैसे. प्रेस, रेडियो औार टेलीविजन। मूल रूप से यह समाचारों के थोक आपूर्तिकर्ता की भूमिका का निर्वहन करती है। अपनी आर्थिक आवष्यकताओं की वजह से जनमाध्यम समाचार समितियों द्वारा प्रदत्त सामग्री पर निर्भर होते है। क्योंकि व्यापक स्तर पर कवरेज के लिए एक समाचार पत्र को स्टाफ रिर्पोटर संवाददाओं, ब्यूरो कार्यालय का एक मंहगा नेटवर्क बनाना होगा। और वैष्विक स्तर पर टेलीकम्युनिकेषन उपकरणों की उपलब्धता करानी होगी। हम सभी यह जानते हैं कि हमारे देष के बहुत सारे समाचार पत्र और तीसरी दुनिया के लगभग अधिकांषतः समाचार पत्र अपने ही देष में संवाददाताओं का उचित संजाल नही बना पाते। मात्र कुछ एक समाचार पत्र इस प्रकार के निवेष और खर्च को वहन करने में सक्षम है। अधिकांष समाचार माध्यमों के लिए समाचार एजेंसी समाचार आपूर्ति का महत्वपूर्ण स्रोत है। समाचार एजेंसियों के उपभोक्ताओ में दैनिक समाचारपत्र, रेडियो, टीवी स्थानीय समाचारपत्र एवं पत्रिकाएं, विविध संस्थान और खासतौर पर सरकारी एजेंसियां, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बड़े निगम, बैंक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान षामिल है।
एक दैनिक समाचारपत्र में प्रकाषित कुल सामग्रियों में समाचार एजेंसियो द्वारा प्रदत्त विषयवस्तु का हिस्सा लगभग 40 से 50 फीसदी तक होता है। बहुत सारे जनमाध्यम और छोटे समाचारपत्र बाहरी स्थानों पर संवाददाताओं का खर्च वहन नहीं कर सकते, समाचार एजेंसिया उन्हें थोक में समाचार उपलब्ध कराती है, जिसमें कभी-कभी षत-प्रतिषत समाचार एजेंसियो द्वारा ही प्रदत्त होते है। आॅल इंडिया रेडियो द्वारा प्रसारित समाचारों में लगभग 40 फीसदी हिस्सा एजेंसी से प्राप्त समाचारों का ही होता है और बाकि उनके अपने संवाददाताओं से प्राप्त समाचारों का। कोई भी समाचार संगठन समाचार समितियों द्वारा प्राप्त समाचारों के बिना कार्य ही नहीं कर सकता।
विष्व की पहली समाचार समिति की स्थापना जुलियस रायटर के द्वारा 1850 में जर्मनी में की गई थी, जिसे बाद में जर्मनी से लंदन लाया गया। वर्तमान में रायटर समाचार सेवा एक वैष्विक संगठन बन चुका है जो विभिन्न देषों के हजारों समाचार पत्रों को अपनी सेवाएं उपलब्ध कराता है। दूसरी तीन अंतर्राष्ट्रीय समितियां है एजेंसी फ्रांस प्रेसे (ए. एफ. पी), एसोसिऐटेड प्रेस (ए. पी), और यूनाइटेड प्रेस इंटरनेषनल (यू. पी. आई)। इनके अलावा अन्य महत्वपूर्ण समाचार समितियां जापान की क्योदो और जर्मनी की डचसे प्रेस एजेंन्टूर (डी. पी. ए.) है।
प्रेस ट्रस्ट आॅफ इंडिया (पी. टी. आई)
भारत की सबसे बड़ी समाचार समिति पी. टी. आई अति. एक गैर लाभ वाली सहकारी समिति है जो देश के समाचार पत्रों के स्वामित्व है। इसका उद्देश्य अपने उपभोक्ताओं को निष्पक्ष और बेहतर समाचार उपलब्ध कराना है। सन् 1948 में भारत में प्रकाशित कुछ महत्वपूर्ण दैनिक पत्रों के संपादकों ने मिलकर पी.टी. आई. को हस्तगत कर लिया। पी.टी.आई. 27 अगस्त 1947 से अस्तित्व में आई अैर 1 फरवरी 1949 से इसने कार्य करना प्रारंभ किया। इसने एसोशियटिड प्रेस आॅफ इण्डिया और रायटर के भारतीय व्यापार को अपने हाथों में ले लिया। यह समाचार समिति सायरो से सिंगापुर तक समाचारों का संलकन करती है। समिति की महत्वपूर्ण सेवाएॅं विभिन्न संपादकों के अधीन निर्देशित होती है। इसके कुल कर्मचारियों की संख्या 1600 है जिसमेें लगभग 400 पत्रकार शामिल है। संपूर्ण देश में इसके 100 से अधिक ब्यूरो और देश के बाहर 10 ब्यूरो कार्य कर रहे है। इस समिति के साथ लगभग 300 स्ट्रींगर जुड़े है जो लगभग पूरे देश में फेले हुए है समिति 1200 बीट पर सेकेण्ड (400 शब्द) की स्पीड से सेटेलाईट डेटा चेनल और टिकर लाईन के माध्यम से सेवाएॅं उपलब्ध कराती है। कार्यदक्षता की दृष्टि से इसने संपूर्ण देश को चार क्षेत्रों मंे बांट रखा है जिनके कार्यालय क्रमशः दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई में क्षेत्रीय मुख्यालयों के रूप में कार्यरत है। दिल्ली में इसके अलग-अलग राजनैतिक, आर्थिक और खेल ब्यूरो स्थापित किये गये है। पी.टी.आई. द्वारा प्रदान की जा रही प्रमुुख सेवाएॅं है-
अंग्रेजी समाचार सेवाः पी.टी.आई. की अंगे्रजी समाचार सेवा दो रूपों में उपलब्ध है। कोड सेवा के तहत अलग-अलग तरह की दो वर्गीकृत सेवाएॅं प्रदान की जाती है जिसमें से किसी भी समूह से कोई समाचार पत्र अपनी पंसद की सामग्री ले सकता है। यह विविध समूह है। राष्ट्रीय/क्षेत्रीय समाचार, आर्थिक/वाणिज्यिक समाचार, अंतराष्ट्रीय और खेल समाचार। कोर सेवा के तहत लगभग 40 हजार शब्द एवं पूर्ण सेवा के तहत लगभग एक लाख शब्द प्रतिदिन उपलब्ध कराये जाते है।
भाषाः- भाषा की शुरूआत सन् 1986 में हुई जो पी.टी.आई. का हिन्दी संस्करण है। इसकी हिन्दी भाषा समाचार सेवा का हिन्दी भाषी राज्यों में अपना नेटवर्क है। भाषा लगभग 40 हजार शब्द प्रतिदिन के हिसाब से सेवा उपलब्ध कराती है।
फोटो सेवाः- पी.टी.आई. फोटो सेवा की शुरूआत सन् 1987 में हुई जिसके माध्यम से भारतीय मिडिया में बहुतायत में तस्वीरें उपलब्ध कराई जाती है। इस सेवा का प्रसारण सेटेलाईट को माध्यम से होता है। पूरे देश में उपलब्ध पी.टी.आई.की मान्यता के साथ उपलब्ध कराई जाती है।
आर्थिक सेवाः- एक पाक्षिक आर्थिक जर्नल भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में विश्लेषणात्मक रिपोर्ट और उद्यतन तथ्यों के साथ पी.टी.आई.उपलब्ध कराती है।
विज्ञान सेवाः- एक पाक्षिक मेलर के माध्यम से भारत और विदेशों में भारत और विदेशों में हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास से संबंधित रिपोर्ट पी.टी.आई.अपने उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराती है।
पी.टी.आई.फीचरः- इस सेवा के तहत चार साप्ताहिक फीचर का पैकेज जो किसी निश्चित राष्ट्रीय अंतराष्ट्रिय और सामान्य घटना से जुड़ा होता है। पी.टी.आई. द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।
पी.टी.आई. मेैग:- इसके तहत 10 विशेष खबरे जो कला से लेकर व्यापार और विज्ञान के विषय से संबंधित होती है। साप्ताहित मेलर पैकेज के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। यह पी.टी.आई.की वायर सेवा पर भी उपलब्ध होती है।
ग्राफिक्स सेवाः- पी.टी.आई. ग्राफिक्स सेवा के तहत आर्थिक, खेल और चुनाव से संबंधित क्षेत्रों में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तन के बारे में साप्ताहिक मेलर के पेकेज के माध्यम से 14 ग्राफिक्स उपलब्ध कराये जाते है। बजट जैसे खास अवसरों पर पी.टी.आई. फोटो सेवा के साथ ही ग्राफिक्स सेटेलाईट के माध्यम से प्रसारित किये जाते है।
न्यूज स्केनः- इसके तहत देश एवं विदेश की महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर किया जाता है। यह समाचार केप्सूल के रूप में विडियों मानीटर पर प्रदर्शित किया जाता है।
स्टाॅक स्केनः- इसके तहत स्टाॅक मार्केट से जुड़ी सूचनाएॅं विडियों टर्मिनल के माध्यम से समूह में प्रदर्शित की जाती है। स्टाॅक स्केन सिलेक्ट आॅफ इनडिविजूूवल यूजर इस सेवा का इन्टरक्टीव प्रारूप है।
एशिया पल्सः- यह पी.टी.आई. द्वारा एशियाई देशों में उपलब्ध व्यापारी अवसरों और आर्थिक विकास का आॅनलाईन डेट बैंक है। पी.टी.आई. और चार अन्य एशियाई मिडिया संगठनों द्वारा स्थापित एशिया पल्स सिंगापुर में एक कंपनी के रूप में निबंधित है।
पी. टी. आई. टीवी:- पी.टी.आई. टी.वी. स्थान विशेष और वृत चित्रात्मक शैली में टेलीविजन के लिए उपलब्ध सेवा है। पी.टी.आई.टी.वी. के कुछ महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में मनीमेटर्स और ताना बाना शामिल है।
निर्गुट देशों की समाचार समिति :- नैनाप सन् 1976 में अस्तित्व में आया। पी.टी.आई. विश्व के गुटनिरपेक्ष देशों के समाचारों का एक पुनः वितरण केन्द्र है जो गुट निरपेक्ष देशों के समाचार समितियों के समाचारों का अदान-प्रदान करती है।
आर्गेनाईजेशन आॅफ एशिया पेसिफिक न्यूज एजेंसीज (व्ण्।ण्छण्।ण्)ः- ओ.ए.एन.ए. एशिया प्रशांत क्षेत्र के 30 समाचार समितियों का एक संगठन है। जिसमंे भारत से पी.टी.आई. और यू.एन.आई. शामिल है। इसकी स्थापना सन् 1961 में हुई। यह समाचारांे के अदान-प्रदान के एक फोरम के रूप में कार्य करता है। पी.टी.आई. ने अपने स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर लिये है और आज इसकी सेवाएॅं इंटरनेट पर भी उपलब्ध है।
यूनाईटेड न्यूज आॅफ इण्डिया
यू.एन.आई. की स्थापना स्वयं समाचार पत्रों द्वारा की गई जिससे दो समाचार समितियों के बीच प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित किया जा सके। इसने मार्च 1961 से काम करना शुरू किया। सन् 1968 के बाद इस समाचार समिति ने अपनेे संचार नेटवर्क को और अधिक विस्तृत बनाया और आज विकासशील देशों में टेलीपिं्रटर नेटवर्क का सबसे बड़ा जाल है। इसके उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 7 गुना बढ़ गई और यह टेलीप्रिंटर के माध्यम से लगभग 1100 उपभोक्ताओं को सेवा उपलब्ध कराता है। इनमें से दर्जनों खाड़ी देशों से है जो यू. एन.आई. एक विशेष सेटेलाईट चेनल के माध्यम से जुड़े हुए है। इस समिति के लगभग 400 रिपोर्टर छोटे बड़े शहरों मंे है जिनकी सहायता के लिए 300 स्टाॅकर्स तथा 400 स्ट्रींगर कार्यरत है। आज कल यू.एन.आई. की समाचार सेवा सिंगापुर और माॅरिशस तक उपलब्ध है। एजेंसी की खाड़ी समाचार सेवा सन् 1980 में शुरू की गई जो यू.ए.ई., बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान और साउदी अरब से समाचारों का कवरेज करती है। मई 1982 में यू.एन.आई. ने यूनिवार्ता नाम से अपनी हिन्दी सेवा की शुरूआत की। आज हिन्दी समाचार पत्रों के समाचार काॅलम खासतौर पर हिन्दी राज्यों और हैदराबाद, अहमदाबाद और कलकत्ता जैसी जगहों पर यूनिवार्ता की खबरों से भरे होते है। इस सेवा ने बहुत ही तेज गति से विकास किया और मात्र 15 सालों में हिन्दी भाषी राज्यों के 60 केन्द्रों से प्रकाशित 250 समाचार पत्र इसके ग्राहक बन गये। इनमें से 100 से अधिक समाचार पत्र पूरी तरह यूनिवार्ता के समाचारों पर ही निर्भर है। यू.एन.आई. के अंतराष्ट्रीय समाचार मुख्यतः ऐसोशिएटेड प्रेस आॅफ अमेरिका से प्राप्त होते है जिसके साथ यू.एन.आई. ने अपने स्थापना के समय से ही सहयोग समझौता कर रखा है।
यू.एन.आई. की दूसरी प्रमुख विदेशी साझेदार जर्मनी की एजेंसी डी.पी.ए. है। इसके साथ ही यू.एन.आई. ने 15 अन्य वायर सेवा प्रदाताओं से समझौता कर रखा है जिनमें से अधिकांश खाड़ी देशों की समाचार समितियाॅं है। विदेशों से यू.एन.आई. के अपने संवाददाता भी समाचार भेजते है। नेपाल ऐसा पहला देश है जहां यू.एन.आई. ने सन् 1968 मंे अपना संवाददाता नियुक्त किया आज पांच महाद्वीपों के लगभग 20 देशों में फैले 22 यू.एन.आई. संवाददाता इसे विदेशी रिपोर्ट नियमित रूप से भेजते है।
साईकल से सेटेलाईट तक:- प्रारंभ में यू.एन.आई. नई दिल्ली के अपने उपभोक्ताओं के पास साईकल के माध्यम से समाचार उपलब्ध कराता था। आज यू.एन.आई. के समाचार उसके अपने टेलीपिं्रटर नेटवर्क, जो लगभग 85 हजार किलो मीटर में फैला है और जिससे भारत के 100 से अधिक शहर और नगर जुड़े है, के माध्यम से उपलब्ध कराता है। साथ ही आज यू.एन.आई. की सेवा इंटरनेट के माध्यम से भी उपलब्ध है। यू.एन.आई. देश की पहली समाचार समिति है जिनसे सेटेलाईट सेवा का उपयोग शुरू किया था। एसोशिएटेड प्रेस की समाचार सेवा प्राप्त करने के लिए यू.एन.आई. ने बाम्बे न्यूयार्क सेटेलाईट चेनल की 6 जून 1979 में शुरूआत की। एक विशेष यू.एन.आई. बाम्बे दुबई चेनल 1 अप्रेल 1981 को प्रारंभ किया गया। यू.एन.आई. ने महानगरीय केन्द्रों में अपने समाचार सेवा को पूर्णतः कम्प्यूटराईज कर लिया है, और पूरे देश भर में स्टेट आॅफ आर्ट तकनीक के माध्यम से अपनी पूरी व्यवस्था को उन्नत बनाने में लगा है। वर्तमान में यू.एन.आई. द्वारा प्रदान की जा रही प्रमुख सेवाएॅं है। वायर सर्विस, यू.एन.आई. सामान्य सर्विस, यू.एन.आई. विदेश सेवा, यू.एन.आई. वित्तीय सेवा, यू.एन.आई. बैंकिंग सेवा, यू.एन.आई. स्टाॅक एक्सचेंज सेवा, यू.एन.आई. भाषा सेवा (यूनिवार्ता), यू.एन.आई. वल्र्ड टी.वी. समाचार सेवा (न्छप्ैब्।छ) और उर्दु सेवा इत्यादि।
मेलर सर्विसः- इसके तहत यू.एन.आई. बेक ग्राउंडर सर्विस साप्ताहिक रूप में, साप्ताहिक यू.एन.आई. कृषि सेवा, सप्ताह मंे दो बार यू.एन.आई. एनर्जी सेवा और साप्ताहिक आर्थिक सेवा आदि शामिल है। अपनी पुस्तक डायनामिक्स आॅफ माॅस कम्यूनिकेशन से जोसेफ आर. डोमेनिक ने कहा, अगली बार जब आप अपने स्थानीय समाचार पत्र को पढ़ रहे हो तो आप जरूर ध्यान देना कई समाचारों की डेट लाईन में आपको स्त्रोत के रूप में ए.पी.या यू.पी.आई. का नाम मिलेगा। ए.पी. एसोशिएटेड प्रेस का संक्षिप्त रूप है और यू.पी.आई. यूनाईटेड प्रेस इंटरनेशनल का संक्षिप्त रूप से इन दोनों संस्थाओं को वायर सेवा कहा जाता है और ये आपको आपके स्थानीय समुदाय से बाहर की दुनिया में जो कुछ भी चल रहा है उससे संबंधित सारे समाचार उपलब्ध कराते है। ये वायर सेवाएॅं स्थानीय समाचार पत्रों और प्रसारण केन्द्रों के लिए आंख और कान का काम करती है जो पूरे देश में अपने संवाददाताओं को खर्च वहन करने में सक्षम नहीं है। वायर सेवाएॅं इंटरनेट के माध्यम से कार्य करने के लिए अपनी सामग्रियों को नई तकनीक के माध्यम से इंटरनेट पर व्यवस्थित कर रही है जो अब सेटेलाईट के माध्यम से प्रसारित किया जाता है। शोर करने वाले टाईपराईटर और टेली टाईप्स की जगह कम्प्यूटर ले चुका है और यह कई अन्य दूसरें कम्प्यूटर सजालों से जुड़ा है जो टेली टैक्सट सेवा उपलब्ध कराती है।
एक दैनिक समाचारपत्र में प्रकाषित कुल सामग्रियों में समाचार एजेंसियो द्वारा प्रदत्त विषयवस्तु का हिस्सा लगभग 40 से 50 फीसदी तक होता है। बहुत सारे जनमाध्यम और छोटे समाचारपत्र बाहरी स्थानों पर संवाददाताओं का खर्च वहन नहीं कर सकते, समाचार एजेंसिया उन्हें थोक में समाचार उपलब्ध कराती है, जिसमें कभी-कभी षत-प्रतिषत समाचार एजेंसियो द्वारा ही प्रदत्त होते है। आॅल इंडिया रेडियो द्वारा प्रसारित समाचारों में लगभग 40 फीसदी हिस्सा एजेंसी से प्राप्त समाचारों का ही होता है और बाकि उनके अपने संवाददाताओं से प्राप्त समाचारों का। कोई भी समाचार संगठन समाचार समितियों द्वारा प्राप्त समाचारों के बिना कार्य ही नहीं कर सकता।
विष्व की पहली समाचार समिति की स्थापना जुलियस रायटर के द्वारा 1850 में जर्मनी में की गई थी, जिसे बाद में जर्मनी से लंदन लाया गया। वर्तमान में रायटर समाचार सेवा एक वैष्विक संगठन बन चुका है जो विभिन्न देषों के हजारों समाचार पत्रों को अपनी सेवाएं उपलब्ध कराता है। दूसरी तीन अंतर्राष्ट्रीय समितियां है एजेंसी फ्रांस प्रेसे (ए. एफ. पी), एसोसिऐटेड प्रेस (ए. पी), और यूनाइटेड प्रेस इंटरनेषनल (यू. पी. आई)। इनके अलावा अन्य महत्वपूर्ण समाचार समितियां जापान की क्योदो और जर्मनी की डचसे प्रेस एजेंन्टूर (डी. पी. ए.) है।
प्रेस ट्रस्ट आॅफ इंडिया (पी. टी. आई)
भारत की सबसे बड़ी समाचार समिति पी. टी. आई अति. एक गैर लाभ वाली सहकारी समिति है जो देश के समाचार पत्रों के स्वामित्व है। इसका उद्देश्य अपने उपभोक्ताओं को निष्पक्ष और बेहतर समाचार उपलब्ध कराना है। सन् 1948 में भारत में प्रकाशित कुछ महत्वपूर्ण दैनिक पत्रों के संपादकों ने मिलकर पी.टी. आई. को हस्तगत कर लिया। पी.टी.आई. 27 अगस्त 1947 से अस्तित्व में आई अैर 1 फरवरी 1949 से इसने कार्य करना प्रारंभ किया। इसने एसोशियटिड प्रेस आॅफ इण्डिया और रायटर के भारतीय व्यापार को अपने हाथों में ले लिया। यह समाचार समिति सायरो से सिंगापुर तक समाचारों का संलकन करती है। समिति की महत्वपूर्ण सेवाएॅं विभिन्न संपादकों के अधीन निर्देशित होती है। इसके कुल कर्मचारियों की संख्या 1600 है जिसमेें लगभग 400 पत्रकार शामिल है। संपूर्ण देश में इसके 100 से अधिक ब्यूरो और देश के बाहर 10 ब्यूरो कार्य कर रहे है। इस समिति के साथ लगभग 300 स्ट्रींगर जुड़े है जो लगभग पूरे देश में फेले हुए है समिति 1200 बीट पर सेकेण्ड (400 शब्द) की स्पीड से सेटेलाईट डेटा चेनल और टिकर लाईन के माध्यम से सेवाएॅं उपलब्ध कराती है। कार्यदक्षता की दृष्टि से इसने संपूर्ण देश को चार क्षेत्रों मंे बांट रखा है जिनके कार्यालय क्रमशः दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई में क्षेत्रीय मुख्यालयों के रूप में कार्यरत है। दिल्ली में इसके अलग-अलग राजनैतिक, आर्थिक और खेल ब्यूरो स्थापित किये गये है। पी.टी.आई. द्वारा प्रदान की जा रही प्रमुुख सेवाएॅं है-
अंग्रेजी समाचार सेवाः पी.टी.आई. की अंगे्रजी समाचार सेवा दो रूपों में उपलब्ध है। कोड सेवा के तहत अलग-अलग तरह की दो वर्गीकृत सेवाएॅं प्रदान की जाती है जिसमें से किसी भी समूह से कोई समाचार पत्र अपनी पंसद की सामग्री ले सकता है। यह विविध समूह है। राष्ट्रीय/क्षेत्रीय समाचार, आर्थिक/वाणिज्यिक समाचार, अंतराष्ट्रीय और खेल समाचार। कोर सेवा के तहत लगभग 40 हजार शब्द एवं पूर्ण सेवा के तहत लगभग एक लाख शब्द प्रतिदिन उपलब्ध कराये जाते है।
भाषाः- भाषा की शुरूआत सन् 1986 में हुई जो पी.टी.आई. का हिन्दी संस्करण है। इसकी हिन्दी भाषा समाचार सेवा का हिन्दी भाषी राज्यों में अपना नेटवर्क है। भाषा लगभग 40 हजार शब्द प्रतिदिन के हिसाब से सेवा उपलब्ध कराती है।
फोटो सेवाः- पी.टी.आई. फोटो सेवा की शुरूआत सन् 1987 में हुई जिसके माध्यम से भारतीय मिडिया में बहुतायत में तस्वीरें उपलब्ध कराई जाती है। इस सेवा का प्रसारण सेटेलाईट को माध्यम से होता है। पूरे देश में उपलब्ध पी.टी.आई.की मान्यता के साथ उपलब्ध कराई जाती है।
आर्थिक सेवाः- एक पाक्षिक आर्थिक जर्नल भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में विश्लेषणात्मक रिपोर्ट और उद्यतन तथ्यों के साथ पी.टी.आई.उपलब्ध कराती है।
विज्ञान सेवाः- एक पाक्षिक मेलर के माध्यम से भारत और विदेशों में भारत और विदेशों में हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास से संबंधित रिपोर्ट पी.टी.आई.अपने उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराती है।
पी.टी.आई.फीचरः- इस सेवा के तहत चार साप्ताहिक फीचर का पैकेज जो किसी निश्चित राष्ट्रीय अंतराष्ट्रिय और सामान्य घटना से जुड़ा होता है। पी.टी.आई. द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।
पी.टी.आई. मेैग:- इसके तहत 10 विशेष खबरे जो कला से लेकर व्यापार और विज्ञान के विषय से संबंधित होती है। साप्ताहित मेलर पैकेज के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। यह पी.टी.आई.की वायर सेवा पर भी उपलब्ध होती है।
ग्राफिक्स सेवाः- पी.टी.आई. ग्राफिक्स सेवा के तहत आर्थिक, खेल और चुनाव से संबंधित क्षेत्रों में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तन के बारे में साप्ताहिक मेलर के पेकेज के माध्यम से 14 ग्राफिक्स उपलब्ध कराये जाते है। बजट जैसे खास अवसरों पर पी.टी.आई. फोटो सेवा के साथ ही ग्राफिक्स सेटेलाईट के माध्यम से प्रसारित किये जाते है।
न्यूज स्केनः- इसके तहत देश एवं विदेश की महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर किया जाता है। यह समाचार केप्सूल के रूप में विडियों मानीटर पर प्रदर्शित किया जाता है।
स्टाॅक स्केनः- इसके तहत स्टाॅक मार्केट से जुड़ी सूचनाएॅं विडियों टर्मिनल के माध्यम से समूह में प्रदर्शित की जाती है। स्टाॅक स्केन सिलेक्ट आॅफ इनडिविजूूवल यूजर इस सेवा का इन्टरक्टीव प्रारूप है।
एशिया पल्सः- यह पी.टी.आई. द्वारा एशियाई देशों में उपलब्ध व्यापारी अवसरों और आर्थिक विकास का आॅनलाईन डेट बैंक है। पी.टी.आई. और चार अन्य एशियाई मिडिया संगठनों द्वारा स्थापित एशिया पल्स सिंगापुर में एक कंपनी के रूप में निबंधित है।
पी. टी. आई. टीवी:- पी.टी.आई. टी.वी. स्थान विशेष और वृत चित्रात्मक शैली में टेलीविजन के लिए उपलब्ध सेवा है। पी.टी.आई.टी.वी. के कुछ महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में मनीमेटर्स और ताना बाना शामिल है।
निर्गुट देशों की समाचार समिति :- नैनाप सन् 1976 में अस्तित्व में आया। पी.टी.आई. विश्व के गुटनिरपेक्ष देशों के समाचारों का एक पुनः वितरण केन्द्र है जो गुट निरपेक्ष देशों के समाचार समितियों के समाचारों का अदान-प्रदान करती है।
आर्गेनाईजेशन आॅफ एशिया पेसिफिक न्यूज एजेंसीज (व्ण्।ण्छण्।ण्)ः- ओ.ए.एन.ए. एशिया प्रशांत क्षेत्र के 30 समाचार समितियों का एक संगठन है। जिसमंे भारत से पी.टी.आई. और यू.एन.आई. शामिल है। इसकी स्थापना सन् 1961 में हुई। यह समाचारांे के अदान-प्रदान के एक फोरम के रूप में कार्य करता है। पी.टी.आई. ने अपने स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर लिये है और आज इसकी सेवाएॅं इंटरनेट पर भी उपलब्ध है।
यूनाईटेड न्यूज आॅफ इण्डिया
यू.एन.आई. की स्थापना स्वयं समाचार पत्रों द्वारा की गई जिससे दो समाचार समितियों के बीच प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित किया जा सके। इसने मार्च 1961 से काम करना शुरू किया। सन् 1968 के बाद इस समाचार समिति ने अपनेे संचार नेटवर्क को और अधिक विस्तृत बनाया और आज विकासशील देशों में टेलीपिं्रटर नेटवर्क का सबसे बड़ा जाल है। इसके उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 7 गुना बढ़ गई और यह टेलीप्रिंटर के माध्यम से लगभग 1100 उपभोक्ताओं को सेवा उपलब्ध कराता है। इनमें से दर्जनों खाड़ी देशों से है जो यू. एन.आई. एक विशेष सेटेलाईट चेनल के माध्यम से जुड़े हुए है। इस समिति के लगभग 400 रिपोर्टर छोटे बड़े शहरों मंे है जिनकी सहायता के लिए 300 स्टाॅकर्स तथा 400 स्ट्रींगर कार्यरत है। आज कल यू.एन.आई. की समाचार सेवा सिंगापुर और माॅरिशस तक उपलब्ध है। एजेंसी की खाड़ी समाचार सेवा सन् 1980 में शुरू की गई जो यू.ए.ई., बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान और साउदी अरब से समाचारों का कवरेज करती है। मई 1982 में यू.एन.आई. ने यूनिवार्ता नाम से अपनी हिन्दी सेवा की शुरूआत की। आज हिन्दी समाचार पत्रों के समाचार काॅलम खासतौर पर हिन्दी राज्यों और हैदराबाद, अहमदाबाद और कलकत्ता जैसी जगहों पर यूनिवार्ता की खबरों से भरे होते है। इस सेवा ने बहुत ही तेज गति से विकास किया और मात्र 15 सालों में हिन्दी भाषी राज्यों के 60 केन्द्रों से प्रकाशित 250 समाचार पत्र इसके ग्राहक बन गये। इनमें से 100 से अधिक समाचार पत्र पूरी तरह यूनिवार्ता के समाचारों पर ही निर्भर है। यू.एन.आई. के अंतराष्ट्रीय समाचार मुख्यतः ऐसोशिएटेड प्रेस आॅफ अमेरिका से प्राप्त होते है जिसके साथ यू.एन.आई. ने अपने स्थापना के समय से ही सहयोग समझौता कर रखा है।
यू.एन.आई. की दूसरी प्रमुख विदेशी साझेदार जर्मनी की एजेंसी डी.पी.ए. है। इसके साथ ही यू.एन.आई. ने 15 अन्य वायर सेवा प्रदाताओं से समझौता कर रखा है जिनमें से अधिकांश खाड़ी देशों की समाचार समितियाॅं है। विदेशों से यू.एन.आई. के अपने संवाददाता भी समाचार भेजते है। नेपाल ऐसा पहला देश है जहां यू.एन.आई. ने सन् 1968 मंे अपना संवाददाता नियुक्त किया आज पांच महाद्वीपों के लगभग 20 देशों में फैले 22 यू.एन.आई. संवाददाता इसे विदेशी रिपोर्ट नियमित रूप से भेजते है।
साईकल से सेटेलाईट तक:- प्रारंभ में यू.एन.आई. नई दिल्ली के अपने उपभोक्ताओं के पास साईकल के माध्यम से समाचार उपलब्ध कराता था। आज यू.एन.आई. के समाचार उसके अपने टेलीपिं्रटर नेटवर्क, जो लगभग 85 हजार किलो मीटर में फैला है और जिससे भारत के 100 से अधिक शहर और नगर जुड़े है, के माध्यम से उपलब्ध कराता है। साथ ही आज यू.एन.आई. की सेवा इंटरनेट के माध्यम से भी उपलब्ध है। यू.एन.आई. देश की पहली समाचार समिति है जिनसे सेटेलाईट सेवा का उपयोग शुरू किया था। एसोशिएटेड प्रेस की समाचार सेवा प्राप्त करने के लिए यू.एन.आई. ने बाम्बे न्यूयार्क सेटेलाईट चेनल की 6 जून 1979 में शुरूआत की। एक विशेष यू.एन.आई. बाम्बे दुबई चेनल 1 अप्रेल 1981 को प्रारंभ किया गया। यू.एन.आई. ने महानगरीय केन्द्रों में अपने समाचार सेवा को पूर्णतः कम्प्यूटराईज कर लिया है, और पूरे देश भर में स्टेट आॅफ आर्ट तकनीक के माध्यम से अपनी पूरी व्यवस्था को उन्नत बनाने में लगा है। वर्तमान में यू.एन.आई. द्वारा प्रदान की जा रही प्रमुख सेवाएॅं है। वायर सर्विस, यू.एन.आई. सामान्य सर्विस, यू.एन.आई. विदेश सेवा, यू.एन.आई. वित्तीय सेवा, यू.एन.आई. बैंकिंग सेवा, यू.एन.आई. स्टाॅक एक्सचेंज सेवा, यू.एन.आई. भाषा सेवा (यूनिवार्ता), यू.एन.आई. वल्र्ड टी.वी. समाचार सेवा (न्छप्ैब्।छ) और उर्दु सेवा इत्यादि।
मेलर सर्विसः- इसके तहत यू.एन.आई. बेक ग्राउंडर सर्विस साप्ताहिक रूप में, साप्ताहिक यू.एन.आई. कृषि सेवा, सप्ताह मंे दो बार यू.एन.आई. एनर्जी सेवा और साप्ताहिक आर्थिक सेवा आदि शामिल है। अपनी पुस्तक डायनामिक्स आॅफ माॅस कम्यूनिकेशन से जोसेफ आर. डोमेनिक ने कहा, अगली बार जब आप अपने स्थानीय समाचार पत्र को पढ़ रहे हो तो आप जरूर ध्यान देना कई समाचारों की डेट लाईन में आपको स्त्रोत के रूप में ए.पी.या यू.पी.आई. का नाम मिलेगा। ए.पी. एसोशिएटेड प्रेस का संक्षिप्त रूप है और यू.पी.आई. यूनाईटेड प्रेस इंटरनेशनल का संक्षिप्त रूप से इन दोनों संस्थाओं को वायर सेवा कहा जाता है और ये आपको आपके स्थानीय समुदाय से बाहर की दुनिया में जो कुछ भी चल रहा है उससे संबंधित सारे समाचार उपलब्ध कराते है। ये वायर सेवाएॅं स्थानीय समाचार पत्रों और प्रसारण केन्द्रों के लिए आंख और कान का काम करती है जो पूरे देश में अपने संवाददाताओं को खर्च वहन करने में सक्षम नहीं है। वायर सेवाएॅं इंटरनेट के माध्यम से कार्य करने के लिए अपनी सामग्रियों को नई तकनीक के माध्यम से इंटरनेट पर व्यवस्थित कर रही है जो अब सेटेलाईट के माध्यम से प्रसारित किया जाता है। शोर करने वाले टाईपराईटर और टेली टाईप्स की जगह कम्प्यूटर ले चुका है और यह कई अन्य दूसरें कम्प्यूटर सजालों से जुड़ा है जो टेली टैक्सट सेवा उपलब्ध कराती है।
हिन्दुस्तान समाचार भारत की एक प्रमुख बहुभाषी समाचार संस्था है। इसकी स्थापना सन् १९४८ में दादा साहेब आप्टे ने की थी। इस समय यह भारत की प्रमुख समाचार संस्था बन चुकी है और हिन्दी, मराठी, गुजराती, असमिया, ओड़िया, कन्नड, बांग्ला, सिन्धी और नेपाली आदि कई भाषाओं में समाचार उपलब्ध कराती है। इस दृष्टि से यह संस्था भारतीय भाषाओं की आवाज है।
१५० से अधिक समाचारपत्र इस संस्था के समाचार के ग्राहक हैं। सभी राज्यों की राजधानियों एवं भारत के प्रमुख शहरों में इसके ब्यूरों हैं।
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